नित्य पाठ और ध्यान के लिए संस्कृत श्लोक — देवनागरी लिपि, रोमन उच्चारण और अर्थ सहित 28 भाषाओं में।
यह हठयोग प्रदीपिका नामक प्राचीन ग्रंथ का प्रथम अध्याय है, जिसमें हठयोग की परिभाषा, यम-नियम, और प्रमुख आसनों का वर्णन किया गया है।