रविदासिया धर्म
पावन वर्ग एवं सम्पूर्ण संग्रह
| पावन वर्ग एवं संख्या | आध्यात्मिक उद्देश्य एवं भावार्थ | प्रमुख प्रतिनिधि पाठ | संग्रह देखें |
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आज के पावन पाठ दैनिक शबद एवं अमृतवाणी पूजित देव: सतनाम एवं गुरु रविदास शुक्ल पक्ष अष्टमी | समता, प्रेम और दुःखरहित बेगमपुरा के चिंतन हेतु पावन शबद। | आज का प्रमुख पाठ बेगमपुरा सहर को नाउਬੇਗਮ ਪੁਰਾ ਸਹਰ ਕੋ ਨਾਉ समता, प्रेम और दुःखरहित बेगमपुरा के चिंतन हेतु पावन शबद। | आज के 5 पाठ → |
गुरु रविदास जी के पावन शबद7 पावन रचनाएं | श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में सुशोभित संत रविदास जी के अमर शबद, जो जाति-पांति से परे प्रेम, समता और बेगमपुरा का साक्षात्कार कराते हैं। | ⭐बेगमपुरा का अमर गान बेगमपुरा सहर को नाउਬੇਗਮ ਪੁਰਾ ਸਹਰ ਕੋ ਨਾਉ जहाँ न कोई दुःख है, न कर, न चिंता — समता और आत्मिक स्वतंत्रता का अमर शबद। | सभी देखें |
गुरु रविदास जी के सिद्धांत (बेगमपुरा एवं आंतरिक शुद्धि)10 पावन रचनाएं | सतगुरु रविदास जी के अमर विचार: 'मन चंगा तो कठौती में गंगा', कर्म की पवित्रता, निष्कपट भक्ति और बाह्य आडंबरों से मुक्त अंतर-साधना। | ⭐आंतरिक शुद्धि का अमर संदेश मन चंगा तो कठौती में गंगा: आंतरिक शुद्धि और सच्ची भक्तिਮਨੁ ਚੰਗਾ ਤਾ ਕਠੌਤੀ ਮੈ ਗੰਗਾ गुरु रविदास जी का वह अनुपम उपदेश जो बाह्य आडंबरों को त्याग कर हृदय की पवित्रता को ही ईश्वर प्राप्ति का सच्चा साधन बताता है। | सभी देखें |
काशी स्थित संत शिरोमणि रविदास जी का पावन जन्मस्थान श्री गुरु रविदास जन्म स्थान मंदिर (सीर गोवर्धनपुर) एवं प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र। | ⭐काशी का पावन जन्मस्थान गुरु रविदास जन्मस्थान: सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी का पावन मंदिरਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਰਵਿਦਾਸ ਜਨਮ ਅਸਥਾਨ विश्व भर के भक्तों के लिए आस्था का परम केंद्र, जहाँ संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने जन्म लेकर समाज को समता और प्रेम का मार्ग दिखाया। | सभी देखें |
दैनिक शबद एवं अमृतवाणी
पूजित देव: सतनाम एवं गुरु रविदास · शुक्ल पक्ष अष्टमी
समता, प्रेम और दुःखरहित बेगमपुरा के चिंतन हेतु पावन शबद।
समता, प्रेम और दुःखरहित बेगमपुरा के चिंतन हेतु पावन शबद।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में सुशोभित संत रविदास जी के अमर शबद, जो जाति-पांति से परे प्रेम, समता और बेगमपुरा का साक्षात्कार कराते हैं।
जहाँ न कोई दुःख है, न कर, न चिंता — समता और आत्मिक स्वतंत्रता का अमर शबद।
सतगुरु रविदास जी के अमर विचार: 'मन चंगा तो कठौती में गंगा', कर्म की पवित्रता, निष्कपट भक्ति और बाह्य आडंबरों से मुक्त अंतर-साधना।
गुरु रविदास जी का वह अनुपम उपदेश जो बाह्य आडंबरों को त्याग कर हृदय की पवित्रता को ही ईश्वर प्राप्ति का सच्चा साधन बताता है।
काशी स्थित संत शिरोमणि रविदास जी का पावन जन्मस्थान श्री गुरु रविदास जन्म स्थान मंदिर (सीर गोवर्धनपुर) एवं प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र।
विश्व भर के भक्तों के लिए आस्था का परम केंद्र, जहाँ संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने जन्म लेकर समाज को समता और प्रेम का मार्ग दिखाया।
