Bharat Devotion
Embroidered artwork for शनि अष्टोत्तर शतनामावली: Embroidered Om symbol above a brass diya, marigolds and a temple spire at sunrise

शनि अष्टोत्तर शतनामावली

शनि अष्टोत्तर शतनामावली

यो शनि देवका १०८ पवित्र नामहरूको संग्रह हो, जसलाई शनिवार वा शनिको विशेष अवधिमा जप गर्नाले शनिको कृपा प्राप्त हुन्छ र जीवनका कष्टहरू कम हुन्छन्।

श्लोक

ध्यान र मङ्गलाचरण

१०८ नामको जप गर्नुभन्दा पहिले भगवानको दिव्य स्वरूपको ध्यान र बीज मन्त्र।

शनि बीज मन्त्र ॐ प्राँ प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
Shani Beej Mantra Om Praan Preen Praun Sah Shanaishcharaya Namah

श्लोक बीज मन्त्र

१०८ पावन नामावली

भगवानका १०८ पावन नामहरू, जसलाई 'ॐ' र 'नमः' सहित अर्चन र जप गरिन्छ।

ॐ शनैश्चराय नमः
Om Shanaishcharaya Namah

श्लोक 1

ॐ शान्ताय नमः
Om Shaantaya Namah

श्लोक 2

ॐ सर्वाभीष्टप्रदायिने नमः
Om Sarvaabhishtapradaayine Namah

श्लोक 3

ॐ शरण्याय नमः
Om Sharanyaaya Namah

श्लोक 4

ॐ वरेण्याय नमः
Om Varenyaaya Namah

श्लोक 5

ॐ सर्वेशाय नमः
Om Sarveshaaya Namah

श्लोक 6

ॐ सौम्याय नमः
Om Saumyaaya Namah

श्लोक 7

ॐ सुरवन्द्याय नमः
Om Suravandyaaya Namah

श्लोक 8

ॐ सुरलोकविहारिणे नमः
Om Suralokavihaarine Namah

श्लोक 9

ॐ सुखासनोपविष्टाय नमः १०
Om Sukhaasanopavishtaaya Namah

श्लोक 10

ॐ सुन्दराय नमः
Om Sundaraaya Namah

श्लोक 11

ॐ घनाय नमः
Om Ghanaaya Namah

श्लोक 12

ॐ घनरूपाय नमः
Om Ghanaroopaaya Namah

श्लोक 13

ॐ घनाभरणधारिणे नमः
Om Ghanaabharanadhaarine Namah

श्लोक 14

ॐ घनसारविलेपाय नमः
Om Ghanasaaravilepaaya Namah

श्लोक 15

ॐ खद्योताय नमः
Om Khadyotaaya Namah

श्लोक 16

ॐ मन्दाय नमः
Om Mandaaya Namah

श्लोक 17

ॐ मन्दचेष्टाय नमः
Om Mandacheshtaaya Namah

श्लोक 18

ॐ महनीयगुणात्मने नमः
Om Mahaneeyagunaatmane Namah

श्लोक 19

ॐ मर्त्यपावनपदाय नमः २०
Om Martyapavanapadaaya Namah

श्लोक 20

ॐ महेशाय नमः
Om Maheshaaya Namah

श्लोक 21

ॐ छायापुत्राय नमः
Om Chhaayaaputraaya Namah

श्लोक 22

ॐ शर्वाय नमः
Om Sharvaaya Namah

श्लोक 23

ॐ शततूणीरधारिणे नमः
Om Shatatuneeradhaarine Namah

श्लोक 24

ॐ चरस्थिरस्वभावाय नमः
Om Charasthirasvabhaavaaya Namah

श्लोक 25

ॐ अचञ्चलाय नमः
Om Achanchalaaya Namah

श्लोक 26

ॐ नीलवर्णाय नमः
Om Neelavarnaaya Namah

श्लोक 27

ॐ नित्याय नमः
Om Nityaaya Namah

श्लोक 28

ॐ नीलाञ्जननिभाय नमः
Om Neelaanjananibhaaya Namah

श्लोक 29

ॐ नीलाम्बरविभूषणाय नमः ३०
Om Neelaambaravibhooshanaaya Namah

श्लोक 30

ॐ निश्चलाय नमः
Om Nishchalaaya Namah

श्लोक 31

ॐ वेद्याय नमः
Om Vedyaaya Namah

श्लोक 32

ॐ विधिरूपाय नमः
Om Vidhiroopaaya Namah

श्लोक 33

ॐ विरोधाधारभूमये नमः
Om Virodhaadhaarabhoomaye Namah

श्लोक 34

ॐ भेदास्पदस्वभावाय नमः
Om Bhedaaspadasvabhaavaaya Namah

श्लोक 35

ॐ वज्रदेहाय नमः
Om Vajradehaaya Namah

श्लोक 36

ॐ वैराग्यदाय नमः
Om Vairaagyadaaya Namah

श्लोक 37

ॐ वीराय नमः
Om Veeraaya Namah

श्लोक 38

ॐ वीतरोगभयाय नमः
Om Veetarogabhayaaya Namah

श्लोक 39

ॐ विपत्परम्परेशाय नमः ४०
Om Vipatparamparaishaaya Namah

श्लोक 40

ॐ विश्ववन्द्याय नमः
Om Vishvavandyaaya Namah

श्लोक 41

ॐ गृध्नवाहाय नमः
Om Gridhnavaahaaya Namah

श्लोक 42

ॐ गूढाय नमः
Om Goodhaaya Namah

श्लोक 43

ॐ कूर्माङ्गाय नमः
Om Koormaangaaya Namah

श्लोक 44

ॐ कुरूपिणे नमः
Om Kuroopine Namah

श्लोक 45

ॐ कुत्सिताय नमः
Om Kutsitaaya Namah

श्लोक 46

ॐ गुणाढ्याय नमः
Om Gunaadhyaaya Namah

श्लोक 47

ॐ गोचराय नमः
Om Gocharaaya Namah

श्लोक 48

ॐ अविद्यामूलनाशाय नमः
Om Avidyaamoolanaashaaya Namah

श्लोक 49

ॐ विद्याविद्यास्वरूपिणे नमः ५०
Om Vidyaavidyaasvaroopine Namah

श्लोक 50

ॐ आयुष्यकारणाय नमः
Om Aayushyakaaranaaya Namah

श्लोक 51

ॐ आपदुद्धर्त्रे नमः
Om Aapaduddhartre Namah

श्लोक 52

ॐ विष्णुभक्ताय नमः
Om Vishnubhaktaaya Namah

श्लोक 53

ॐ वशिने नमः
Om Vashine Namah

श्लोक 54

ॐ विविधागमवेदिने नमः
Om Vividhaagamavedine Namah

श्लोक 55

ॐ विधिस्तुत्याय नमः
Om Vidhistutyaaya Namah

श्लोक 56

ॐ वन्द्याय नमः
Om Vandyaaya Namah

श्लोक 57

ॐ विरूपाक्षाय नमः
Om Viroopaakshaaya Namah

श्लोक 58

ॐ वरिष्ठाय नमः
Om Varishthaaya Namah

श्लोक 59

ॐ गरिष्ठाय नमः ६०
Om Garishthaaya Namah

श्लोक 60

ॐ वज्राङ्कुशधराय नमः
Om Vajraankushadharaaya Namah

श्लोक 61

ॐ वरदाभयहस्ताय नमः
Om Varadaabhayahastaaya Namah

श्लोक 62

ॐ वामनाय नमः
Om Vaamanaaya Namah

श्लोक 63

ॐ ज्येष्ठापत्नीसमेताय नमः
Om Jyeshthaapatneesametaaya Namah

श्लोक 64

ॐ श्रेष्ठाय नमः
Om Shreshthaaya Namah

श्लोक 65

ॐ मितभाषिणे नमः
Om Mitabhaashine Namah

श्लोक 66

ॐ कष्टौघनाशकर्त्रे नमः
Om Kashtaughanaashakartre Namah

श्लोक 67

ॐ पुष्टिदाय नमः
Om Pushtidaaya Namah

श्लोक 68

ॐ स्तुत्याय नमः
Om Stutyaaya Namah

श्लोक 69

ॐ स्तोत्रगम्याय नमः ७०
Om Stotragamyaaya Namah

श्लोक 70

ॐ भक्तिवश्याय नमः
Om Bhaktivashyaaya Namah

श्लोक 71

ॐ भानवे नमः
Om Bhaanave Namah

श्लोक 72

ॐ भानुपुत्राय नमः
Om Bhaanuputraaya Namah

श्लोक 73

ॐ भव्याय नमः
Om Bhavyaaya Namah

श्लोक 74

ॐ पावनाय नमः
Om Paavanaaya Namah

श्लोक 75

ॐ धनुर्मण्डलसंस्थाय नमः
Om Dhanurmandalasamsthaaya Namah

श्लोक 76

ॐ धनदाय नमः
Om Dhanadaaya Namah

श्लोक 77

ॐ धनुष्मते नमः
Om Dhanushmate Namah

श्लोक 78

ॐ तनुप्रकाशदेहाय नमः
Om Tanuprakaashadehaaya Namah

श्लोक 79

ॐ तामसाय नमः ८०
Om Taamasaaya Namah

श्लोक 80

ॐ अशेषजनवन्द्याय नमः
Om Asheshajanavandyaaya Namah

श्लोक 81

ॐ विशेषफलदायिने नमः
Om Visheshaphaladaayine Namah

श्लोक 82

ॐ वशीकृतजनेशाय नमः
Om Vashikritajaneshaaya Namah

श्लोक 83

ॐ पशूनां पतये नमः
Om Pashoonaam Pataye Namah

श्लोक 84

ॐ खेचराय नमः
Om Khecharaaya Namah

श्लोक 85

ॐ खगेशाय नमः
Om Khageshaaya Namah

श्लोक 86

ॐ घननीलाम्बराय नमः
Om Ghananeelaambaraaya Namah

श्लोक 87

ॐ काठिन्यमानसाय नमः
Om Kaathinyamaanasaaya Namah

श्लोक 88

ॐ आर्यगणस्तुत्याय नमः
Om Aaryaganastutyaaya Namah

श्लोक 89

ॐ नीलच्छत्राय नमः ९०
Om Neelachhatraaya Namah

श्लोक 90

ॐ नित्याय नमः
Om Nityaaya Namah

श्लोक 91

ॐ निर्गुणाय नमः
Om Nirgunaaya Namah

श्लोक 92

ॐ गुणात्मने नमः
Om Gunaatmane Namah

श्लोक 93

ॐ निरामयाय नमः
Om Niraamayaaya Namah

श्लोक 94

ॐ निन्द्याय नमः
Om Nindyaaya Namah

श्लोक 95

ॐ वन्दनीयाय नमः
Om Vandaneeyaaya Namah

श्लोक 96

ॐ धीराय नमः
Om Dheeraaya Namah

श्लोक 97

ॐ दिव्यदेहाय नमः
Om Divyadehaaya Namah

श्लोक 98

ॐ दीनार्तिहरणाय नमः
Om Deenaartiharanaaya Namah

श्लोक 99

ॐ दैन्यनाशकराय नमः १००
Om Dainyanaashakaraaya Namah

श्लोक 100

ॐ आर्यजनगण्याय नमः
Om Aaryajanaganyaaya Namah

श्लोक 101

ॐ क्रूराय नमः
Om Krooraaya Namah

श्लोक 102

ॐ क्रूरचेष्टाय नमः
Om Krooracheshtaaya Namah

श्लोक 103

ॐ कामक्रोधकराय नमः
Om Kaamakrodhakaraaya Namah

श्लोक 104

ॐ कलत्रपुत्रशत्रुत्वकारणाय नमः
Om Kalatraputrashatrutvakaaranaaya Namah

श्लोक 105

ॐ परिपोषितभक्ताय नमः
Om Pariposhitabhaktaaya Namah

श्लोक 106

ॐ परभीतिहराय नमः
Om Parabheetiharaaya Namah

श्लोक 107

ॐ भक्तसंघमनोऽभीष्टफलदाय नमः
Om Bhaktasanghamano'bhishtaphaladaaya Namah

श्लोक 108

समापन र फलश्रुति

पाठको पूर्णाहुति, ईश्वर समर्पण र फलश्रुति।

इति शनि अष्टोत्तरशतनामावलिः सम्पूर्णम्
Iti Shani Ashtottarashatanamaavali Sampoornam

श्लोक समापनम्

Worship Guidelines & Chanting Benefits (Phalashruti)

Auspicious Day

Daily or auspicious lunar days (Ekadashi, Purnima, Pradosham)

Best Time (Muhurta)

Brahma Muhurta (4:00 AM – 6:00 AM) or Evening Dusk (Sandhya)

Sacred Offerings

Ghee lamp (Deepa), Incense (Dhoopa), Fresh flowers & Water offering

Spiritual Benefits (Phalashruti)
  • Peace of mind, spiritual upliftment, and harmonious energy in the home
Chanting Practice:Chant each sacred name distinctly with 'Om' prefix and 'Namah' reverence.

पृष्ठभूमि

यो शनि अष्टोत्तर शतनामावली हिन्दू धर्मको एक प्रसिद्ध स्तोत्र हो, जसमा शनि देव (ग्रह) का १०८ नामहरू समावेश छन्। यो प्रायः शनिवारको दिन, विशेष गरी शनिको गोचर (ट्रान्जिट) को समयमा पाठ गरिन्छ। शनिलाई न्याय र कर्मफल दिने देवता मानिन्छ, र यस नामावलीको जपले शनिको प्रकोप कम गर्न तथा जीवनमा आउने कठिनाइहरू हटाउन मद्दत गर्ने विश्वास गरिन्छ। यो स्तोत्र शनि उपासनाको एक महत्वपूर्ण भाग हो र विभिन्न पौराणिक तथा ज्योतिषीय ग्रन्थहरूमा उल्लेखित छ।

के तपाईं जान्नुहुन्छ?

शनि अष्टोत्तरशतनामावली के हो?

यो शनिदेवको १०८ नामहरूको संग्रह हो, जसमा प्रत्येक नाम 'ॐ' ले सुरु भई 'नमः' ले समाप्त हुन्छ। 'अष्टोत्तरशत' भन्नाले १०८ (आठ सयभन्दा बढी) नामहरूको समूहलाई जनाउँछ। यो स्तोत्र शनिको शान्ति र कृपा प्राप्तिका लागि पाठ गरिन्छ।

शनिको दोहोरो स्वभाव

यस स्तोत्रमा शनिका दुवै भयानक र शान्त पक्षहरू उल्लेख छन् — जस्तै 'क्रूराय', 'मन्दचेष्टाय' सँगै 'शान्ताय', 'सुन्दराय' पनि छन्। यसले शनिलाई कर्मको देवता मान्ने परम्परालाई देखाउँछ, जसले दुःख पनि दिन्छ र कृपा पनि गर्छ।

पाठ विधि र समय

यो स्तोत्र विशेषगरी शनिवारको दिन, बिहान सूर्योदयभन्दा २ घण्टा ४० मिनेट अगाडि पाठ गर्ने विधान छ। शनिको साढेसाती वा ढैयाको समयमा यसको पाठले शनिको प्रकोप कम हुने विश्वास छ।

शनिका विशेष नामहरू

यसमा शनिलाई 'छायापुत्र' (सूर्यकी पत्नी छायाको पुत्र), 'भानुपुत्र' (सूर्यपुत्र), 'नीलवर्ण' (कालो रङ), र 'गृध्नवाह' (गिद्ध सवारी) जस्ता नामले सम्बोधन गरिएको छ। प्रत्येक नामले शनिको कुनै न कुनै गुण वा रूपलाई व्याख्या गर्दछ।

फल र लाभ

यस स्तोत्रको नियमित पाठले शनिको अशुभ प्रभावलाई शान्त पारी, मुकद्दमामा विजय, दीर्घ रोगबाट मुक्ति, र फलाम/इस्पात व्यापारमा सफलता दिने विश्वास छ। यसलाई शनि प्रसन्न गर्ने एक प्रभावकारी उपाय मानिन्छ।

हिन्दु धर्म बाट थप

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सम्बन्धित शिक्षाहरू

उही शिक्षा, विभिन्न परम्पराहरूमा प्रतिध्वनित