१०८ दिव्य देशम
आलवार संतों द्वारा वंदित भगवान श्रीहरि के पावन धाम
१०८ दिव्य देशम भगवान श्रीमन नारायण के वे परम पावन धाम हैं जिनका गुणगान बारह आलवार संतों ने अपने दिव्य पदों (नालायिर दिव्य प्रबंधम्) में किया है। इनमें १०५ भारत में, १ नेपाल में (मुक्तिनाथ) तथा २ पारलौकिक धाम (परमपद व क्षीरसागर) सम्मिलित हैं।
दिव्य देशम परंपरा का पावन आध्यात्मिक मर्म
श्रीवैष्णव संप्रदाय में दिव्य देशम उन पावन तीर्थों को कहा जाता है जिनकी वंदना बारह आलवार संतों ने अपने दिव्य तमिल पदों (नालायिर दिव्य प्रबंधम्) में मंगलाशासन द्वारा की है।
ये १०८ धाम भगवान विष्णु के अर्चावतार (भक्तों के कल्याणार्थ सहज सुलभ विग्रह स्वरूप) के साक्षात केंद्र हैं। इनमें से १०५ पावन तीर्थ भारत में, १ नेपाल के हिमालय में (मुक्तिनाथ धाम) तथा २ परम पारलौकिक धाम (परमपद वैकुंठ एवं क्षीरसागर) माने जाते हैं।
प्रमुख दिव्य देशम तीर्थ
शरणागति (प्रपत्ति) का आध्यात्मिक मार्ग
दिव्य देशम यात्रा का मूल उद्देश्य परमात्मा के प्रति अनन्य समर्पण है:
- •भक्तजन प्रत्येक मंदिर में दिव्य प्रबंधम् के पावन पदों का गान करते हैं।
- •११वीं शताब्दी में जगद्गुरु श्री रामानुजाचार्य जी ने इन सभी मंदिरों में नित्य पूजा और समरसता की आदर्श व्यवस्था स्थापित की।
- •यह परंपरा सिखाती है कि प्रभु अपने भक्तों के प्रति असीम वात्सल्य के कारण अर्चा विग्रह में विराजते हैं।
पावन आलवार पासुरम्
नम्मालवार द्वारा रचित परम शरणागति का पावन पद:
विश्वं पालयते नित्यं
भक्तानां मुक्तिदायकम्।
श्रीरङ्गनायकं देवं
वन्दे वन्दे पुनः पुनः॥
के तपाईं जान्नुहुन्छ?
106 Earthly & 2 Celestial
Out of the 108 Divya Desams, 106 exist on Earth, while Thiruppaarkadal (Ocean of Milk) and Paramapadam (Vaikuntha) are attained through spiritual liberation.
Srirangam Largest Temple Complex
Srirangam is the first Divya Desam and is often listed as the largest functioning Hindu temple in the world, covering 156 acres.
Muktinath in Nepal
Muktinath in Nepal is the only Divya Desam located outside modern Indian borders, where sacred Saligram stones are found naturally in the Gandaki River.
Andal Sole Female Alvar
Kotai Andal composed the celebrated Tiruppavai hymns in devotion to Lord Ranganatha at Srivilliputhur Divya Desam.
Vishnu
हिन्दु धर्म बाट थप
सम्बन्धित शिक्षाहरू
उही शिक्षा, विभिन्न परम्पराहरूमा प्रतिध्वनित
