जैन धर्म
पूजा विधि
गणेश पूजा, लक्ष्मी पूजा, शिव अभिषेक सहित हिंदू पूजा की चरण-दर-चरण विधि — सामग्री, मंत्र और विधान सहित 28 भाषाओं में।
व्युत्पत्ति एवं आध्यात्मिक अर्थ
पूजा (सत्कार, वंदन) + विधि (पद्धति, नियम, विधान)वैदिक एवं आगमिक संस्कृत
देव-पूजन की शास्त्रीय क्रमबद्ध विधि — परमात्मा को अपने हृदय और घर में एक परम आदरणीय अतिथि की तरह आमंत्रित कर सत्कार करने की ध्यानपूर्ण विधि, जो सामान्य द्रव्यों (जल, पुष्प, दीप, नैवेद्य) को भक्ति का माध्यम बना देती है।
छंद एवं शास्त्रीय संरचना
वैदिक मंत्र, संकल्प गद्य एवं पूजन मुद्राएँ
पारंपरिक षोडशोपचार (१६ उपचार): आह्वान, आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, यज्ञोपवीत, चंदन, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, तांबूल, आरती और प्रदक्षिणा।
वैश्विक साहित्यिक तुलना
ईसाई मास का विधान (Order of the Mass) एवं लिटर्जीउपासना का पावन विधान
ईसाई धर्म के 'ऑर्डर ऑफ द मास' (Order of the Mass) के समान, जहाँ प्रत्येक प्रार्थना, झुकना, धूप देना और जल अर्पण करना एक निश्चित आध्यात्मिक विधान के तहत होता है।
साधना एवं व्यावहारिक पाठ:दैनिक देव-पूजन और बड़े पर्व-उत्सवों (जैसे गणेशोत्सव, दीपावली) पर शास्त्रीय और त्रुटिरहित पूजा संपन्न करने हेतु।