सप्त पुरी
सनातन संस्कृति की सात पावन मोक्षदायिनी नगरियाँ
पौराणिक परंपरा में अयोध्या, मथुरा, माया (हरिद्वार), काशी, कांची, अवंतिका (उज्जैन) और द्वारिका—ये सात पावन नगरियाँ सनातन धर्म में मुक्ति एवं परम शांति प्रदाता सप्त पुरी के रूप में वंदित हैं।
सात मोक्षदायिनी पुरियों का पौराणिक रहस्य
सनातन धर्म में सात प्राचीन नगरियों को सप्त पुरी के रूप में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। ये वे पावन स्थल हैं जहाँ भगवान के दिव्य अवतार प्रकट हुए, संतों ने तपस्या की और जहाँ की पावन वायु मात्र से मन शांत और अंतर्मुखी हो जाता है।
गरुड़ पुराण एवं स्कंद पुराण के अनुसार, इन सातों पुरियों में श्रद्धापूर्वक निवास, पवित्र नदियों में स्नान और भगवत-चिंतन मनुष्य को जन्म-मरण के बंधन से मुक्त कर मोक्ष प्रदान करता है।
भारत की सात पावन मोक्ष पुरियाँ
पावन सप्त पुरी श्लोक
स्कंद पुराण का अमर श्लोक:
अयोध्या मथुरा माया
काशी काञ्ची ह्यवन्तिका।
पुरी द्वारावती चैव
सप्तैता मोक्षदायिकाः॥
के तपाईं जान्नुहुन्छ?
Northern & Southern Harmony
Six of the Sapta Puri are located in North and Central India, while Kanchipuram represents the sacred jewel of South India.
The Prime Meridian of Ancient Astronomy
Ujjain (Avantika) was the historical prime meridian and zero longitude for ancient Indian astronomers and astrologers.
Submerged Kingdom of Dwarka
Marine archaeological excavations off the coast of modern Dwarka have uncovered submerged stone structures dating back thousands of years.
Kumbh Mela Connections
Two of the Sapta Puri—Haridwar and Ujjain—host the sacred Kumbh Mela gatherings where millions gather for holy dips.
Rama
हिन्दु धर्म बाट थप
सम्बन्धित शिक्षाहरू
उही शिक्षा, विभिन्न परम्पराहरूमा प्रतिध्वनित
