अष्टावरण
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
आठ रक्षा-कवच
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'अष्ट' (आठ) और 'आवरण' (आवरण, रक्षा) से बना; गुरु, लिंग, जंगम, विभूति, रुद्राक्ष, मंत्र, पादोदक, प्रसाद — प्रत्येक शरण के आचरणपूर्ण जीवन को घेरने वाले आठ पवित्र आचार।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
अष्टावरण मात्र आचारों की सूची नहीं, बल्कि दैनिक जीवन को ही संपूर्ण आध्यात्मिक साधना बनाने वाला संपूर्ण जीवन-ढाँचा है।