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सहस्रनाम

विष्णु सहस्रनाम, ललिता सहस्रनाम सहित देव-देवियों के सहस्र नाम — देवनागरी लिपि, उच्चारण और अर्थ सहित 28 भाषाओं में। मुफ़्त PDF।

व्युत्पत्ति एवं आध्यात्मिक अर्थ
सहस्र (हज़ार) + नाममहाभारत एवं पौराणिक संस्कृत

ईश्वर के एक सहस्त्र (एक हज़ार) नामों का पावन संग्रह — परमेश्वर के अनंत स्वरूप का साक्षात्कार कराने वाली साधना; क्योंकि ईश्वर असीम हैं और किसी एक नाम में नहीं समा सकते, इसलिए एक हज़ार नामों की माला द्वारा उनकी विराटता की वंदना की जाती है।

छंद एवं शास्त्रीय संरचना
अनुष्टुप् छंद (३२ अक्षरों का छंद एवं चतुर्थी विभक्ति में नाम)

तीन भाग: पूर्वपीठिका (प्रसंग, ऋषि, छंद एवं ध्यान श्लोक), मुख्य नामावली (छंदबद्ध एक हज़ार नाम), और उत्तरपीठिका (फलश्रुति जिसमें स्मरण के आध्यात्मिक व व्यावहारिक लाभ बताए गए हैं)।

वैश्विक साहित्यिक तुलना
इस्लामी असमाउल हुस्ना (९९ नाम) एवं ईसाई लिटनी (Litany)

दिव्य नामों की विश्वव्यापी माला

इस्लाम में अल्लाह के ९९ सुंदर नामों (असमाउल हुस्ना) के जप अथवा कैथोलिक ईसाई परंपरा की 'लिटनी' की भांति, जो ईश्वर के अनंत गुणों के स्मरण द्वारा भक्त के अंतर्मन को पवित्र बनाती है।

साधना एवं व्यावहारिक पाठ:एकादशी, पूर्णिमा, नवरात्रि जैसे पर्वों पर चित्त के शोधन, एकाग्रता और समस्त पापों के निवारण हेतु किया जाने वाला महा-अनुष्ठान।

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