दसवंध
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
दसवाँ भाग
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'दस' और 'वंध' (भाग) से बना; सिख अपनी कमाई का दसवाँ भाग धर्म व सेवा हेतु देते हैं।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
यह गुरु नानक के 'वंड छको' सिद्धांत का व्यावहारिक रूप है, जो दान को हार्दिक साझेदारी का कर्तव्य बनाता है।