गुणस्थान
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
आध्यात्मिक गुण की सीढ़ी
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'गुण' (गुणवत्ता) + 'स्थान' (स्थान, सीढ़ी) से — आत्मा की कर्ममुक्ति की ओर यात्रा में चौदह क्रमिक सीढ़ियों में से एक।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
प्रथम गुणस्थान मिथ्यात्व (गलत मान्यता) है तथा चौदहवां, अंतिम गुणस्थान पूर्ण, निष्क्रिय शुद्धता है जो तुरंत मोक्ष की ओर ले जाती है।