इष्ट देवता
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
व्यक्ति की चुनी हुई देवता
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'इष्ट' (वांछित, चुना हुआ) और 'देवता' से बना; भक्त द्वारा स्वभाव तथा रुचि के आधार पर पूजा हेतु चुना गया ईश्वर का व्यक्तिगत रूप, जो हिंदू धर्म के इस सिद्धांत को दर्शाता है कि अनेक मार्ग एक ही परम सत्य तक ले जाते हैं।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
इष्ट देवता चुनना कोई सीमा नहीं बल्कि मानव स्वभाव के प्रति व्यावहारिक रियायत है — निराकार परब्रह्म को प्रेम करना तब सरल हो जाता है जब उसे परिचित, व्यक्तिगत रूप से देखा जाए।