कल्याण क्रांति
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
कल्याण की क्रांति
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
12वीं सदी में बसवण्ण की राजधानी कल्याण के नाम से; जाति व्यवस्था के विरुद्ध सामाजिक क्रांति, जो अंतर्जातीय विवाह की घटना से हिंसा में बदल गई तथा शरण आंदोलन के बिखराव का कारण बनी।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
यद्यपि यह क्रांति असफल प्रतीत होती है, तितर-बितर हुए शरणों ने वचन साहित्य तथा समानता के आदर्श को संपूर्ण कर्नाटक में फैलाया, दीर्घकालिक प्रभाव छोड़ा।