Bharat Devotion

लिंगैक्य

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

लिंग के साथ एकत्व

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

'लिंग' और 'ऐक्य' (एकता) से बना; शरण के देहत्याग (मृत्यु) के क्षण को दिया जाने वाला शब्द, जिसे सामान्य मृत्यु के बजाय आत्मा के शिव में पूर्ण विलय की घटना के रूप में देखा जाता है।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

लिंगायत अंतिम संस्कार शोक से अधिक उत्सव का रूप लेता है, क्योंकि लिंगैक्य को पराजय नहीं, बल्कि शरण के जीवन-लक्ष्य की उपलब्धि के रूप में मनाया जाता है।