नामावली
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
नामों की माला
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत 'नाम' और 'आवली' (पंक्ति, माला) से — शब्दशः 'नामों की पंक्ति'।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
एक के बाद एक पढ़े जाने वाले दिव्य नामों की माला, जिनमें से प्रत्येक को सामान्यतः 'ॐ ... नमः' से सम्मानित किया जाता है — पूरी सूची का पाठ (जैसे 108 नामों की अष्टोत्तरशतनामावली, या 1000 नामों की सहस्रनामावली) स्वयं ही एक सम्पूर्ण पूजा का कार्य माना जाता है।