नवतत्व
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
नौ मूलभूत तत्व
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'नव' और 'तत्व' (सिद्धांत) से बना; जीव, अजीव, पुण्य, पाप, आस्रव, संवर, निर्जरा, बंध तथा मोक्ष — जैन ब्रह्मांडविज्ञान की संपूर्ण रूपरेखा।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
ये नौ तत्व कर्म बंधन से मुक्ति तक की संपूर्ण यात्रा का मानचित्र हैं — मात्र सिद्धांत नहीं, बल्कि प्रत्येक जैन साधक हेतु व्यावहारिक मार्गदर्शन।