Bharat Devotion

पादोदक

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

पैर धोया हुआ जल

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

'पाद' (पैर) और 'उदक' (जल) से बना; गुरु या जंगम के पैर धोने के बाद पवित्र मानकर ग्रहण किया जाने वाला जल, अष्टावरणों में से एक।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

गुरु के पादोदक को ग्रहण करना विनम्रता का गहरा कार्य है — यह दर्शाता है कि शिष्य गुरु के पैर से भी ज्ञान ग्रहण करने हेतु तैयार है।