Bharat Devotion

पितृ लोक

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

पितरों का लोक

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

'पितृ' (पूर्वज, पिता) और 'लोक' (क्षेत्र) से बना; वह मध्यवर्ती लोक जहाँ मृत पूर्वज निवास करते हैं, जीवित वंशजों द्वारा किए गए श्राद्ध कर्मों तथा पिंडदान से पोषित।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

यह अवधारणा आध्यात्मिक साधना को सीधे पारिवारिक जिम्मेदारी से जोड़ती है — वार्षिक श्राद्ध अनुष्ठान मात्र स्मारक भाव नहीं बल्कि परलोक में पूर्वजों का सक्रिय रूप से पोषण व सहारा माना जाता है।