Bharat Devotion

राम रसायन

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

राम-नाम का रसायन

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

'राम' (कबीर द्वारा निराकार परब्रह्म हेतु प्रयुक्त, महाकाव्य के राजा हेतु नहीं) और 'रसायन' (रसायन, कीमियागरी औषधि) से बना; दिव्य नाम के जप की उपचारात्मक, परिवर्तनकारी शक्ति, जिसे सांसारिक आसक्ति के रोग हेतु उपचारक औषधि से तुलना दी गई है।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

कबीर ने आग्रहपूर्वक कहा कि जिस राम को वे गाते हैं वह 'दशरथ के पुत्र नहीं' — यह एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जो उनकी निराकार शिक्षा को किसी एक सांप्रदायिक देवता की भक्ति समझे जाने से रोकने हेतु था।