Bharat Devotion

सम्यक् रत्नत्रय

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

तीन बहुमूल्य रत्न

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

'रत्न' + 'त्रय' (तीन) से — सम्यक् दर्शन (सम्यक् श्रद्धा), सम्यक् ज्ञान (सम्यक् ज्ञान), तथा सम्यक् चारित्र (सम्यक् आचरण) का त्रिवेणी संगम।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

जैन धर्म के अनुसार मोक्ष प्राप्ति हेतु ये तीनों रत्न एक साथ आवश्यक हैं — अकेली श्रद्धा, अकेला ज्ञान, या अकेला आचरण पर्याप्त नहीं।