शिवयोग
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
शिव के साथ मिलन
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'शिव' और 'योग' (मिलन) से बना; इष्टलिंग ध्यान तथा षट्स्थल प्रगति के माध्यम से शिव के साथ आंतरिक मिलन प्राप्त करने वाला लिंगायत ध्यान-मार्ग।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
शिवयोग पद्धति का वर्णन करने वाला 'शिवयोग प्रदीपिका' ग्रंथ शास्त्रीय हठयोग आसनों को भी लिंगायत आध्यात्मिक लक्ष्यों के साथ जोड़ता है।