Bharat Devotion

स्थूल-सूक्ष्म शरीर

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

स्थूल तथा सूक्ष्म शरीर

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

'स्थूल' (स्थूल, भौतिक) तथा 'सूक्ष्म' से बना; वेदांतिक शरीर-रचना जो दृश्यमान भौतिक शरीर को अदृश्य सूक्ष्म शरीर से अलग करती है जो मन, प्राण, तथा इंद्रियों को धारण करता है, जो शारीरिक मृत्यु के बाद भी जीवित रहता है तथा अगले जन्म तक यात्रा करता है।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

यह भेद स्पष्ट करता है कि पुनर्जन्म को यांत्रिक रूप से कैसे कार्य करते हुए समझा जाता है — यह सूक्ष्म शरीर है, स्थूल शरीर नहीं, जो संचित कर्म तथा व्यक्तित्व लक्षणों को एक जीवन से अगले जीवन तक ले जाता है।