वंड छकना
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
बाँटकर खाना
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'वंड' (बाँटना) और 'छकना' (खाना) से बना; गुरु नानक के तीन स्तंभों में से एक, लंगर परंपरा का आधार।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
यह सिद्धांत सिखाता है कि अपनी कमाई दूसरों के साथ बाँटना सच्ची भक्ति का हिस्सा है, अलग कर्तव्य नहीं।