Jain Daily Prayers & Devotions
Sacred daily prayer schedules, morning contemplation, and day-of-the-week devotions for जैन धर्म.
Pancha Parameshthi & Jinas
णमोकार मंत्र (पंच परमेष्ठी नमस्कार)
यह जैन धर्म का सबसे पवित्र और प्रमुख मंत्र है, जिसमें पाँच सर्वोच्च आत्माओं — अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु — को नमन किया जाता है।
5 versesभक्तामर स्तोत्र
यह एक प्रसिद्ध जैन स्तोत्र है जो भगवान आदिनाथ (पहले तीर्थंकर) की स्तुति में रचा गया है। इसमें 48 श्लोक हैं जो भक्ति, शरणागति और प्रभु के गुणों का वर्णन करते हैं।
48 versesउवसग्गहरं स्तोत्र (पार्श्वनाथ विघ्नहर्ता स्तोत्र)
यह जैन धर्म का एक प्रार्थना-स्तोत्र है, जिसे भगवान पार्श्वनाथ की स्तुति में गाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य जीवन की बाधाओं (उवसग्ग) को दूर करने और आध्यात्मिक शांति पाने की प्रार्थना करना है।
23 versesचौवीस तीर्थंकर स्तोत्र
यह एक जैन भक्ति स्तोत्र है जिसमें चौबीस तीर्थंकरों (जैन धर्म के 24 पूर्ण ज्ञानी गुरुओं) की प्रार्थना की गई है। इसका उद्देश्य उनका आशीर्वाद पाकर मोक्ष, स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त करना है।
9 versesचत्तारि मंगलं – जैन धर्म की चार मंगल प्रार्थना
जैन चत्तारि मंगलं चार मंगलों का स्मरण है: अरिहंत, सिद्ध, साधु और केवली-प्रज्ञप्त धर्म।
3 versesकल्याणमन्दिरस्तोत्र: जिनेन्द्र की स्तुति में मंगलमय स्तोत्र
यह एक जैन स्तोत्र है जो भगवान जिनेन्द्र (जिन) की महिमा का गान करता है। इसमें बताया गया है कि उनके नाम का स्मरण और उनके चरणों की भक्ति कैसे जीवन के सभी कष्टों को दूर करके मोक्ष (आध्यात्मिक मुक्ति) प्रदान करती है।
44 verses