यह एक भक्ति गीत (आरती) है जो जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की स्तुति में गाया जाता है। इसमें उनके जीवन, रूप और दिव्य गुणों का वर्णन है।