यह आठ श्लोकों का एक भजन है जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के हर अंग और क्रिया को 'मधुर' (मीठा) बताया गया है। यह गीत कृष्ण की दिव्य मिठास का वर्णन करता है।