तमिलनाडु में भगवान मुरुगन के छह पावन शक्ति धाम
यह एक भक्ति स्तोत्र है जो भगवान सुब्रह्मण्य (कार्तिकेय) की महिमा, उनके रूप, शक्ति और कृपा का वर्णन करता है। इसमें भक्त अपने कष्टों के निवारण और मोक्ष की कामना करता है।