अन्य नाम: Shanaishchara, Saturn
न्याय और कर्मफल के अधिष्ठाता देव, अनुशासन और तप के प्रतीक।
कर्मफलदाता शनिदेव की कृपा, सरसों का तेल दान एवं साढ़ेसाती शांति विधि
यह शनिदेव की स्तुति का एक लोकप्रिय भजन है, जिसमें उनके रूप, गुण और कृपा का वर्णन किया गया है। इसे पढ़ने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।
नौ श्लोकों का यह स्तोत्र नौ ग्रहों से उनकी प्रतिकूल स्थिति से उत्पन्न पीड़ा हरने की प्रार्थना है। प्रत्येक श्लोक में एक ग्रह का आह्वान है।
सूर्यपुत्र धीमी गति वाले शनि के १०८ नाम, शनि बीज मन्त्र के साथ, और भक्त उनकी कृपा कैसे माँगते हैं इसका एक संकेत।