भक्ति मार्ग
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
भक्ति का मार्ग
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'भक्ति' (श्रद्धा, प्रेममय पूजा) और 'मार्ग' (राह) से बना; गुरु रविदास जी द्वारा सिखाया गया केंद्रीय मार्ग, जो दार्शनिक ज्ञान या बाह्य कर्मकांड के बजाय श्रद्धापूर्ण प्रेम द्वारा मुक्ति की ओर ले जाता है।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
भक्ति मार्ग की सबसे बड़ी शक्ति उसकी सुगमता है — बिना संस्कृत की शिक्षा, बिना पुजारी की आवश्यकता, कोई भी, चाहे जाति या लिंग कुछ भी हो, इसका अभ्यास कर सकता है।