बीजक
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
बीज, सूची
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'बीज' से — कबीर पंथ का प्रमुख ग्रंथ, जो कबीर के दोहों, साखियों, तथा पदों को उनकी शिक्षा के सार को समाहित करने वाले 'बीज' के रूप में संकलित करता है।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
किसी व्यवस्थित ग्रंथ के विपरीत, बीजक संक्षिप्त, प्रायः विरोधाभासी छंदों का संग्रह है जिसका उद्देश्य श्रोता को आत्मसंतुष्ट विश्वास से झकझोरना है, न कि रैखिक तर्क निर्मित करना।