Bharat Devotion

जप

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

मंत्र की पुनरावृत्ति

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत 'जप्' से — धीमी आवाज़ में बोलना — किसी पवित्र नाम या मंत्र का अनुशासित पुनरावर्तन, प्रायः 108 मनकों की माला पर गिना जाता है।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

जप को सबसे सरल किंतु सबसे शक्तिशाली आध्यात्मिक साधनाओं में से एक माना जाता है, जिसे किसी कर्मकांडीय सामग्री की आवश्यकता नहीं — केवल स्थिर, एकाग्र पुनरावर्तन जो समय के साथ मन को शुद्ध करता है।