मन्वंतर
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
मनु का काल
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'मनु' (मानवता के आदि-पुरुष) और 'अंतर' (अंतराल) से बना; एक कल्प के भीतर चौदह उप-विभाजनों में से एक, जिनमें से प्रत्येक की अध्यक्षता एक भिन्न मनु करते हैं जो उस अवधि हेतु मानवता के पैतृक विधि-निर्माता बनते हैं।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
परंपरागत रूप से माना जाता है कि हम सातवें मन्वंतर में जी रहे हैं, जिसकी अध्यक्षता वैवस्वत मनु करते हैं, जिनसे मानव विधि तथा समाज का वर्तमान चक्र उतरा माना जाता है।