Bharat Devotion

यम

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

संयम, नैतिक अनुशासन

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत 'यम्' से — रोकना या नियंत्रित करना — पतंजलि के अष्टांग योग का प्रथम अंग, जिसमें अहिंसा तथा सत्य सहित पांच नैतिक संयम सम्मिलित हैं।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

पांच यम — अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, तथा अपरिग्रह — एक योगी के दूसरों के प्रति आचरण को नियंत्रित करते हैं, वह नैतिक आधार बनाते हुए जिसके बिना गहन साधना अस्थिर मानी जाती है।