यह एक पवित्र बीज मंत्र है जो भगवान मंजुश्री (ज्ञान के बोधिसत्व) को समर्पित है। इसका उच्चारण बुद्धि, स्मरणशक्ति और विद्या की वृद्धि के लिए किया जाता है।