यह एक भक्ति गीत है जिसमें पूछा गया है कि सच्चा वैष्णव कौन है, और भक्तिविनोद ठाकुर अपनी विनम्रता तथा श्रीकृष्ण के चरणों में पूर्ण समर्पण को व्यक्त करते हैं।