नौ श्लोकों का यह स्तोत्र नौ ग्रहों से उनकी प्रतिकूल स्थिति से उत्पन्न पीड़ा हरने की प्रार्थना है। प्रत्येक श्लोक में एक ग्रह का आह्वान है।