आंतरिक पवित्रता बनाम बाह्य कर्मकांड कबीर भक्ति में
संत कबीर के दोहे, गुरु ग्रंथ साहिब में संरक्षित उनके 541 पदों सहित, आग्रह करते हैं कि ईश्वर मंदिर या मस्जिद में नहीं, करुणा तथा सत्य में मिलते हैं।
मन चंगा तो कठौती में गंगा
आंतरिक शुद्धि और सच्ची भक्ति