यह एक पारंपरिक भजन है जो भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति में गाया जाता है। इसमें उनके नंदलाल, यशोदा लाल, गोपाल और ब्रज लाल जैसे प्रिय नामों का बार-बार उच्चारण करके आनंद और उल्लास व्यक्त किया गया है।
यह एक भक्ति स्तोत्र है जिसमें भगवान कृष्ण के बाल-लीला, गोपी-प्रेम, रास-लीला, महाभारत में उनकी भूमिका, और उनके विभिन्न रूपों की स्तुति की गई है। इसे पढ़ने से मनोवांछित फल की प्राप्ति और कष्टों से मुक्ति का वर्णन है।