श्रीनारायणकवचम् श्रीमद्भागवत महापुराण के छठे स्कंध के आठवें अध्याय में वर्णित ४२ श्लोकों का परम सिद्ध सुरक्षा कवच है। महर्षि विश्वरूप द्वारा देवराज इंद्र को उपदिष्ट यह कवच शरीर के प्रत्येक अंग, इंद्रिय और दिशा में भगवान श्रीहरि के विभिन्न अवतारों, पावन नामों तथा दिव्य आयुधों (सुदर्शन चक्र, कौमोदकी गदा, पांचजन्य शंख, नंदक तलवार) की अभेद्य शक्ति स्थापित कर साधक को समस्त भयों, नकारात्मक शक्तियों और शत्रुओं से सुरक्षित करता है।
43 verses