संत मुक्ताबाई का ‘ताटी उघडा ज्ञानेश्वरा’: अपने भाई ज्ञानदेव से झोंपड़ी का द्वार खोलने की विनती, यह सिखाते हुए कि सच्चा संत संसार के ताने करुणा से सहता है।