अभंग
अवघा रंग एकचि झाला — संत सोयराबाई अभंग
संत सोयराबाई (संत चोखामेला की सहधर्मिणी) का यह अमर अभंग अद्वैत भक्ति और सामाजिक समता का सर्वोच्च शिखर है। पंढरपुर के भगवान विट्ठल के साक्षात्कार से 'मैं और तू' का भेद मिट गया है; समस्त सांसारिक रंग और जातिगत सीमाएं समाप्त होकर केवल एक ही दिव्य रंग—श्रीरंग विट्ठल में एकाकार हो गई हैं।
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