वचन
सर्वशास्त्रमयी स्तुति – कुडलसंगमदेव को नमन
यह एक भक्ति गीत है जो भगवान कुडलसंगमदेव की महिमा का गान करता है। इसमें बताया गया है कि प्रभु स्वयं वेद, शास्त्र, तर्क, आगम और पुराणों के रूप में विद्यमान हैं, और उनके चरणों की धूल ही सच्ची शरण है।
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