interdependent existence का पवित्र जाल
हृदय सूत्र: अवलोकितेश्वर शारिपुत्र से कहते हैं कि रूप शून्यता है और शून्यता रूप है, और सूत्र 'गते गते पारगते' मन्त्र पर समाप्त होता है।