अनात्म
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
अनात्मता / स्थायी, अपरिवर्तनीय स्वतंत्र अहं की अनुपस्थिति
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
पालि 'अन्' (नहीं) तथा 'अत्त' (आत्म, अहं) से।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
विपश्यना की एक केंद्रीय अंतर्दृष्टि: यह अनुभूति कि व्यक्तित्व क्षणिक स्कंधों का पारस्परिक संयोग मात्र है।