Bharat Devotion

अनात्म

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

अनात्मता / स्थायी, अपरिवर्तनीय स्वतंत्र अहं की अनुपस्थिति

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

पालि 'अन्' (नहीं) तथा 'अत्त' (आत्म, अहं) से।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

विपश्यना की एक केंद्रीय अंतर्दृष्टि: यह अनुभूति कि व्यक्तित्व क्षणिक स्कंधों का पारस्परिक संयोग मात्र है।

अनात्म का उल्लेख इन लेखों में