कोलोफन (समापन पद्य)
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
एक समापन/हस्ताक्षर पद्य
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
ग्रीक 'कोलोफोन' (शिखर, अंतिम स्पर्श) से, अंग्रेज़ी में किसी रचना के समापन वाक्य के लिए अपनाया गया — यहाँ, वह पद्य जिसमें कवि-संत परंपरागत रूप से अपना नाम लिखते हैं।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
कई भक्त कवि-संत अपने समापन पद्य में अपना ही नाम लिखते हैं (जैसे तुलसीदास हनुमान चालीसा की अंतिम चौपाई में स्वयं का नाम लेते हैं) — यह विनम्रता का एक शांत कार्य है, जो संपूर्ण रचना को उस देवता को समर्पित करता है जिसकी वह प्रशंसा करती है, न कि उसका श्रेय लेने का।