ज्ञान योग
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
ज्ञान का मार्ग
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'ज्ञान' और 'योग' (मिलन) से बना; भगवद गीता में वर्णित चार शास्त्रीय योग-मार्गों में से एक, जो वास्तविक व अवास्तविक के बीच विवेक द्वारा मुक्ति की खोज करता है।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
ज्ञान योग को प्रायः सबसे कठिन मार्ग कहा जाता है — जिसमें भक्ति या कर्म के बजाय कठोर आत्म-जिज्ञासा (जैसे 'मैं कौन हूँ?' पूछना) आवश्यक है, जो स्वाभाविक रूप से चिंतनशील मन हेतु सर्वाधिक उपयुक्त है।