किरत कमाई
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
धर्म और ईमानदारी से की गई मेहनत की कमाई
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत 'कृत' (किया गया कार्य) तथा 'कमाई' से।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
गुरु रविदास ने अपना पैतृक चर्मकार्य गर्वपूर्वक जारी रखा, यह सिद्ध करते हुए कि ईमानदार श्रम ही सर्वोच्च उपासना है।