ॐ (प्रणव)
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
सृष्टि का मूल नाद और ब्रह्म का स्वरूप
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
अ, उ, और म् का संगम — उत्पत्ति, पालन और संहार का दिव्य प्रतीक।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
समस्त वेदों और मंत्रों का उद्गम, जिसके उच्चारण से मन में असीम शांति आती है।