विभूति
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
पवित्र भस्म
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत 'विभू' (व्याप्त होना, चमकना) से; अष्टावरणों में से एक — शिव की सर्वव्यापी शक्ति तथा शरीर की नश्वरता दोनों का स्मरण कराने वाली माथे पर लगाई जाने वाली पवित्र भस्म।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
भस्म जलाए गए गोबर से बनती है — यह सभी भौतिक पदार्थों के अंतिम गंतव्य, राख, का प्रतीक है, जो अहंकार को शांत करती है।