यह आठ श्लोकों वाला एक भक्तिपूर्ण स्तोत्र है, जो श्रील अद्वैताचार्य की महिमा का वर्णन करता है। इसे प्रसिद्ध विद्वान और भक्त सार्वभौम भट्टाचार्य ने रचा था।
यह आठ श्लोकों का एक भक्ति स्तोत्र है जो श्री अद्वैत आचार्य के चरणकमलों में ध्यान और प्रार्थना के माध्यम से उनकी कृपा, भक्ति और मोक्ष की याचना करता है।