स्तोत्र
हनुमान बाहुक (श्री हनुमान जी की पीड़ा-निवारक स्तुति)
यह गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित एक शक्तिशाली स्तुति है, जिसमें वे अपनी असहनीय बांह की पीड़ा से मुक्ति के लिए हनुमान जी से प्रार्थना करते हैं और उनकी वीरता, करुणा और शक्ति का वर्णन करते हैं।
166 verses